Home उत्तर प्रदेश विक्षिप्त युवक ने पत्नी को गोली मारकर की हत्या, मुकदमा दर्ज

विक्षिप्त युवक ने पत्नी को गोली मारकर की हत्या, मुकदमा दर्ज

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बलरामपुर| मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक ने पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतका के पिता ने दामाद, समधी व एक अन्य पर दहेज हत्या का केस दर्ज कराया है। घटना गुरुवार देर रात महराजगंज तराई थाना क्षेत्र अन्तर्गत हड़पुर जनकपुर के मजरे गहरवा गांव में हुई है। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की तफ्तीश में जुटी है।
गहरवा निवासी चालीस वर्षीय विवेक तिवारी पुत्र सहजराम का विवाह करीब 15 साल पहले गैसड़ी कोतवाली के सोनपुर प्रेमपुर निवासी धर्मराज मिश्रा की बेटी रेनू के साथ हुआ था। शादी के बाद रेनू को छह संतानें हुईं। जिसमें तीन पुत्रियां व तीन पुत्र हैं। विवेक की मां निर्मला देवी के मुताबिक तीन साल पहले पुत्र की मानसिक स्थिति बिगड़ गई है। उसका इलाज लखनऊ के नूर मंजिल में चल रहा है।

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मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार रात भोजन के बाद परिवार के सभी सदस्य सो गए थे। रेनू अपने बच्चों को लेकर अलग कमरे में लेटी थी। जबकि विवेक आगे बरामदे के बगल कमरे में लेटा था। 13 वर्षीय प्रीति ने बताया कि पापा ने करीब साढ़े बारह बजे रात को कमरे की कुंडी खटखटाई। उन्होंने बाहर से ही कहा कि कमरे में मच्छर लग रहे हैं। मुझे क्वायल की जरूरत है। मैंने उठकर सिटकिनी खोल दी। मेरी मां रेनू भी जाग गई थी। पापा कमरे में घुस आए। उन्होंने मम्मी की कनपटी पर तमंचा रखकर फायर कर दिया।

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मम्मी गिरकर छटपटाने लगीं। पापा ने कपड़े पहने और बाइक लेकर कहीं चले गए। रेनू की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। फिर भी उसे एम्बुलेंस से स्वास्थ्य केन्द्र तुलसीपुर ले जाया गया। चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पाकर रात में ही प्रभारी निरीक्षक राम शंकर तिवारी व यूपी 100 डायल पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। सुबह होने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कमरे को सील कर दिया गया है। फोरेंसिक टीम ने मौके पर साक्ष्य एकत्रित किए हैं। कमरे में खून बिखरा पड़ा है।
वर्ष 2015 में विवेक तिवारी की मानसिक हालत बिगड़ी थी। उसी साल वह अपनी बड़ी बेटी हर्षिता को बाइक पर बैठाकर राप्ती नदी ले गया। उसने हर्षिता को नदी में फेंक दिया था। नदी तट पर मौजूद ग्रामीणों ने हर्षिता की जान बचाई थी। बताया जाता है कि रेनू को अनहोनी की आशंका पहले से थी। वह विवेक से बच्चों को दूर रखती थी। रेनू बच्चों को बलरामपुर में पढ़ाती थी।

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बच्चों के साथ किराए पर कमरा लेकर रह रही थी। अवकाश होने के कारण वह बच्चों के साथ गांव आई थी। विवेक के पिता सहजराम लेखपाल हैं। जबकि विवेक खेती किसानी का काम देखता है। रेनू अपने पीछे हर्षिता (15), प्रीति (13), वैष्णवी (10), करुणानिधान (09), कृपानिधान (08) व डेढ़ वर्षीय पुत्र बिट्टू को छोड़ गई है। घटना के बाद से बच्चे सहमे हुए हैं। उनके मुंह से बोल नहीं फूट रहे। प्रीति ही पूछने पर कुछ बताने को तैयार होती है। विवेक की मां निर्मला देवी बच्चों को संभाल रही थीं। प्रभारी निरीक्षक राम शंकर तिवारी ने बताया कि धर्मराज मिश्रा की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। हत्याभियुक्त की तलाश की जा रही है।

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