Home क्राइम मेट्रो में नौकरी दिलाने के नाम पर करते थे ठगी

मेट्रो में नौकरी दिलाने के नाम पर करते थे ठगी

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लखनऊ। विभूतिखण्ड पुलिस ने मैट्रो ट्रेन योजना में नौकरी दिलाने के नाम ठगी करने के आरोप पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जीवाडा कर बेरोजगारों से 4-4 लाख रुपये लिये थे। ठगी की वारदात को अंजाम देकर जालसाज भागने की फिराक में थे।

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एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि आरोपियों ने विभूतिखण्ड इलाके में अपना आफिस खोल रखा था। आरोपियों के खिलाफ तालकटोरा सेक्टर सी निवासी नवीन बाजपेई ने तहरीर दी थी। आरोपियों ने पीडि़त से मैट्रो रेल प्रोजेक्ट में नौकरी दिलाने के नाम से 4 लाख रुपये वसूले थे। इसके अलावा आशियाना सेक्टर एच निवासिनी निधी ने बताया कि आरोपी नीरज कुमार चौहान ने उनसे 1 लाख 25 हजार का चेक व 25 हजार रुपये नकद रुपये चचेरे भाई राजेश पाल को सुपरवाइजर की नौकरी दिलाने के लिए थे।

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बकौल पुलिस आरोपियों ने अपने मिलने वालों से बेरोजगारों के बायोडाटा एकत्र किए थे। बायोडाटा के माध्यम से आरोपी बेरोजगारों से स पर्क करते थे और नौकरी दिलाने का दावा ठोंकते थे। नौकरी के नाम पर आरोपी बेरोजगारों से 4 लाख रुपये बतौर घूस मांगते थे। बुधवार सुबह विभूतिखण्ड पुलिस ने दबिश की कार्रवाई कर आरोपियों को धर दबोचा।

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पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम हरिहर नगर गाजीपुर निवासी जितेन्द्र सिंह, विकल्पखण्ड चिनहट निवासी सुनील प्रताप सिंह, इन्दिरा नगर निवासी हिमान्शू सिंह, इन्दिरानगर निवासी ऋषभ सिंह और गायत्री नगर इन्दिरानगर निवासी नीरज कुमार चौहान बताया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस को दो लैपटाप, मानीटर, एक दर्जन से अधिक मैट्रो रेल परियोजना में भर्ती कराये जाने हेतू रिज्यूम और आधा दर्जन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

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