Home क्राइम Lucknow : महानगर में रची गई थी ट्रेन हादसे की साजिश!

Lucknow : महानगर में रची गई थी ट्रेन हादसे की साजिश!

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आसपास के लोगों से भी एटीएस कर रही पूछताछ
लखनऊ। राजधानी में संदिग्ध आतंकियों द्वारा दूसरी बार ट्रेन पलटने की साजिश को गैंगमैन ने नाकाम किया, तो एटीएस भी इन संदिग्धों की तलाश में पूरे दल-बल के साथ मैदान में उतर आई। आनन-फानन में पूरे क्षेत्र के चप्पे-चप्पे को तलाशा गया और एक सीसीटीवी फुटेज भी बरामद कर लिया। झोपडि़यों में रहने वाले वाले लोगों से भी पूछताछ हो रही है।

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मामले पर आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि फुटेज मिलना बेहद ही महत्वपूर्ण है। इससे जांच में काफी मदद मिलेगी। सिमी-और स्लीपर सेल के बारे में भी पड़ताल हो रही है। जल्द ही आरोपी जेल में होंगे।

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जांच के दौरान स्लीपर-सिमी की गतिविधि‍यों पर भी नजर रखी जा रही है। घटना के बाद अब मंडल में आने वाले जिलों के साथ ही सभी जगहों से डिटेल मंगाई गई है। राजधानी के जानकीपुरम, पुराने लखनऊ, कानपुर रोड़,सहित उन जगहों पर विशेष पड़ताल की जा रही है जहां पर ऐसे लोग आसानी से छिप सकते हैं। उल्लेखनीय है कि काकोरी में बीते महीनों आईएसआईएस का एक संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह मार गिराया गया था। उसके पास से कई रेलवे स्टेशनों के नक्शे भी बरामद हुए थे।

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स्लीपर सेल में काम करने वाले आतंकी बेहद सामान्य दिखते हैं। यह सब इतने विशेषज्ञ होते हैं कि कई बार खुफिया तंत्र भी इन्हें खोज नहीं पाता है। जैसे ही इन्हें अपने आकाओं का आदेश मिलता है यह तुरंत सक्रिय होकर किसी बड़ी तबाही को अंजाम देने के लिए तैयार हो जाते हैं और वारदात को अंजाम तक पहुंचाने के बाद फिर से सामान्य जिंदगी जीने लगने हैं। अर्थात स्लीपिंग मोड में चले जाते हैं। इनके इसी कार्यशैली के कारण ही इन्‍हें स्लीपर सेल कहा जाता है।

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“महानगर ट्रेन मामले को लेकर जांच-पड़ताल की जा रही है। इस दौरान एक सीसीटीवी कैमरे से महत्वपूर्ण फुटेज मिले हैं। स्लीपर सेल की गतिविधियों को भी खोजा जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। इसके साथ ही साथ घटनास्थल के आसपास झोपडि़यों में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पहचान होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।”
असीम अरुण
आईजी, एटीएस

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