Home लखनऊ काकोरी के किंग मेडिकल सेन्टर में एचआईवी पीड़िता बताकर लूटे हजारों

काकोरी के किंग मेडिकल सेन्टर में एचआईवी पीड़िता बताकर लूटे हजारों

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काकोरी। राजधानी लखनऊ काकोरी थाना क्षेत्र के निजी अस्पतालों में जांचों में हेराफेरी कर इलाज के नाम पर मरीजों को लूटने का खेल जारी है। पीड़ित मरीज बीमारी के नाम से डर से हज़ारों रुपये इलाज़ में खर्च कर देते है। जबकि अन्य लैब में जांच कराने पर मरीज में वह बीमारी नहींं पाई है। बेबस मरीजों की गाढ़ी कमाई निजी अस्पताल संचालक लूट रहे है ।यह पूरा मामला है पहिया आज़मपुर गांव रोड स्थित किंग मेडिकल सेंटर का। इस अस्पताल में इलाज के लिए गई गर्भवती महिला को एचआईवी पॉजिटिव बता कर इलाज के नाम पर हज़ारों रुपये लूट लिए।

हरदोई के फतेहपुर निवासी सुशील ने बताया कि उनकी पत्नी का मायका मलिहाबाद के काज़ी खेडा गांव में है। सुशील ने गर्भवती पत्नी को अक्टूबर 2018 में प्रसव के लिए पहिया आज़म पुर गांव रोड स्थित किंग मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया था। कुछ दिन इलाज़ चलने के बाद डॉक्टरों ने जांच के लिए सुशील से कहा। जिसकी सहमति पर गर्भवती महिला की आवश्यक जांच हुई। बीती 20 अक्टूबर 2018 महिला की जांच हुई जिसमें उसे एचआईवी पॉजिटिव बताया गया। यह जांच किंग मेडिकल सेंटर में हुई और जांच रिपोर्ट भी किंग मेडिकल सेंटर के नाम पर बनी। एचआईवी ग्रसित होने की जानकारी पर परिवारीजन घबराए गए। जिस पर अस्पताल में डॉक्टरों ने इलाज़ के नाम पर मरीज से हज़ारों रुपये खर्च कराए। जब प्रसव के बाद मरीज को अस्पातल से छूट्टी दी गई तो पीड़ित महिला व उनके परिवारजन मलिहाबाद स्थित ससुराल में रुके। रिश्तेदार के यहां रुक कर परिवारीजनों ने महिला की जांच मलिहाबाद स्थित सीएचसी में बीती 11 जनवरी 2019 को कराया। जहाँ जांच रिपोर्ट में एचआईवी नेगेटिव बताया गया और महिला को सही बताया गया। जिस पर आक्रोशित परजिनों ने किंग मेडिकल सेंटर संचालक डॉ अभय सिंह से शिकायत की। जिसके बाद अस्पताल संचालक ने दोबारा जांच कराने को कहा। परिजनों ने महिला की जांच बालागंज स्थित निजी डायग्नोस्टिक में बीती 27 जनवरी 2019 को कराई। जिसकी रिपोर्ट में भी एचआईवी नेगेटिव बताया गया। इसके बाद परिजनों ने महिला की जांच केजीएमयू लखनऊ में भी बीती 15 फरवरी 2019 को कराई। जिसकी रिपोर्ट में भी महिला को सही बताते हुए एचआईवी नेगेटिव बताया गया। परजिनों ने किंग मेडिकल सेंटर पर जांच में हेराफेरी कर गलत तरीके से इलाज के नाम पर हज़ारों रुपये लिये जाने का आरोप लगाया। परजिनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में ही फर्जी तरीके से जांच रिपोर्ट बनाई गई है, जबकि अन्य लैब को जांचों में यह बीमारी नहीं बताई गई। इस संबंध में सीएमओ का कहना है कि आपके द्वारा इस बात की जानकारी दी गई है। जांच कमेटी गठित कर जल्द ही अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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