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मंदिर में दर्शन करने जा रहे अखिलेश के करीबी सपा नेता की गोलीमार कर हत्या

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वाराणसी। अपराधियों के निशाने पर एक बार फिर पीएम की काशी आ चुकी है। कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर काफी दिनों तक व्याप्त शांति-सुकून को दु:साहसी बदमाशों ने चुनौती देना शुरू कर दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को चौक थाना क्षेत्र के सिंधिया घाट पर अज्ञात बदमाशों ने समाजवादी पार्टी के नेता को गोली मार दी, जिसे परिजन मलदहिया स्थित निजी नर्सिंग होम लेकर आए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दरसअल सपा नेता प्रभु साहनी हर शुक्रवार दशाश्‍वमेध घाट से अपनी नाव के जरिये सिंधिया घाट आते थे। यहां वह संकठा मां के दरबार में हाजिरी लगाया करते थे। इसी दौरान घाट पर उन्हें बदमाशों ने अपनी गोली का शिकार बना लिया। गोली लगने से घायल प्रभु साहनी को परिजन आनन-फानन में मलदहिया स्थित एक निजी नर्सिंग होम लेकर आए जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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अखिलेश यादव का करीबी था प्रभु
रिश्तेदारों पर हत्या का आरोप समाजवादी पार्टी से जुड़े प्रभु साहनी अखिलेश यादव के करीबी भी थे और राजनीति में सक्रिय होने पर उन्हें समाजवादी युवजन सभा का सचिव भी नियुक्त किया गया था। यही नहीं मृतक प्रभु साहनी नगर निकाय चुनाव में सपा के सिंबल पर पार्षद का चुनाव भी लड़ चुके थे। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली लेकिन अपने व्यवहार से क्षेत्रीय लोगों के करीब रहते थे। प्रभु साहनी के भाई शंभू साहनी ने इस मामले में अपने कुछ रिश्तेदारों पर हत्या का आरोप लगाया है। शंभू साहनी के अनुसार नाव बांधने को लेकर एक दिन पहले भी विवाद हुआ था, जिसमें बड़े पिता के बेटे शिव निषाद, विनोद निषाद और जितेंद्र निषाद ने प्रभु साहनी को जान से मारने की धमकी दी थी। जिसके समझौते के लिए दशाश्वमेघ थाने में शाम को पुलिस ने बुलाया भी था।

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एसएसपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए शुरू कराई छापेमारी
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर एसएसपी आरके भारद्वाज, एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, सीओ दशाश्‍वमेध स्नेहा तिवारी, सीओ चेतगंज सत्येन्द्र तिवारी, सीओ कोतवाली सहित भारी संख्या में पुलिस फोर्स अस्पताल पहुंच गई। वहीं इस मामले पर मीडिया से बात करते हुए एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि नाव खड़ा करने को लेकर बीते 10 सालों से विवाद चल रहा था। जिसमे उस वक्त धारा 307 का मुकदमा दर्ज है। यही नहीं कुछ दिनों पहले नगर निगम में भी नाव की लोकेशन को लेकर जब सुनवाई हुई थी तो दोनों पक्षों को उनका स्थान बताया गया था। इस बात में वादी पक्ष तो सहमत था लेकिन विपक्ष के लोगों ने आक्रोश था जिसके कारण प्रभु साहनी के उसके चचेरे भाइयों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपियों के गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।की जांचकर कार्रवाई करने की बात कह रही है|

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