Home उत्तर प्रदेश गोरखपुर में सरेराह अज्ञात बादमाशों के हमले में घायल युवती ने तोड़ादम

गोरखपुर में सरेराह अज्ञात बादमाशों के हमले में घायल युवती ने तोड़ादम

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गोरखपुर | गोरखपुर के पैडलेगंज में शुक्रवार रात बाइक सवार दो बदमाशों ने सरेराह एक निजी अस्पताल की रिसेप्शनिस्ट का गला रेत दिया। युवती की चीख सुनकर मौके पर मोहल्ले के लोग पहुंचे तो हमलावर फरार हो गए। युवती को गम्‍भीर हालत में बीआरडी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया, जहां डाक्टरों ने स्थिति में सुधार न होता देख उसे लखनऊ रेफर कर दिया है। लखनऊ ले जाते समय रास्ते में युवती की मौत हो गई। शव को गोरखपुर वापस लाकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई में पुलिस जुट गई है।

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युवती का गला किसने और क्यों रेता इसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं हो पाई है। मोहल्ले में लगे सीसी कैमरे से पुलिस बदमाशों का सुराग जुटाने में लगी है। कुशीनगर जिले के हाटा कोतवाली स्थित पगरा गांव निवासी विजय मल्ल चौहान की बेटी 23 वर्षीय सुनीता चौहान बेतियाहाता स्थित एक प्राइवेट क्लीनिक में काम करती है। वह पैडलेगंज के पास देवी सिंह के यहां किराए का मकान लेकर अपनी सहेली मंशा के साथ रहती है। गांव के पास की ही रहने वाली मंशा शहर के एक कोचिंग में काम करती है। मंशा तीन दिन पहले किराए का मकान छोड़ दी है। सुनीता भी इसी सप्ताह यहां से अपना सामान लेकर कहीं और जाने की तैयारी में थी।

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सुनीता शुक्रवार की रात आठ बजे के करीब साइकिल से क्लीनिक से काम कर लौट रही थी। घर से करीब दस कदम पहले ही बदमाशों ने उसका गला रेत दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाइक सवार दो युवक आए और पीछे से गले पर वार कर तेजी से फरार हो गए। घटनास्थल पर सुनीता साइकिल समेत गिर गई। खून से लथपथ सुनीता की चीख सुनकर मोहल्ले की एक युवती दौड़ी और उसके गले पर कपड़ा रखकर खून को बंद किया। इस दौरान मोहल्ले के लोग जुट गए। रास्ते से गुजर रहे युवक की बाइक पर उसे बैठाकर जिला अस्पताल ले गए। वहां पहुंचे युवती के मामा ने उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।

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नौ जनवरी को यहां रहने आई थी सुनीता
सुनीता नौ जनवरी से ही यहां रह रही है। चार दिन में उसने मकान छोड़ने का इरादा बना लिया था। मकान मालिक देवी सिंह ने बताया कि उसकी महिला मित्र ने ही आधार कार्ड दिया था। वह तीन दिन पहले ही कमरा छोड़कर गई है। दोनों ने 9 जनवरी को कमरा किराए पर लिया था। सुनीता ने मकान मालिक से बिछिया स्थित अपने फूफा के घर रहने की बात कही थी|

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