Home उत्तर प्रदेश एनटीपीसी हादसा: झुलसे ऐसे की रोने के लिए रही नहीं आंखें…

एनटीपीसी हादसा: झुलसे ऐसे की रोने के लिए रही नहीं आंखें…

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कई दर्जन लोग हो गए अंधे, आग ने छीन लिए आखें
रायबरेली| एनटीपीसी में बॉयलर फटने से झुलसे मजदूर पूरी तरह से स्याह हो गए। चमड़ी उधड़ गई। ऐसे में ये मजदूर सिसकियां भी नहीं भर पा रहे। रात करीब पौने नौ बजे जब रायबरेली से गया बिहार का झुलसा मजदूर चंदन सिविल अस्पताल पहुंचा तो उसे देख हर किसी की रुह कांप उठी। इसके बाद एक-एक करके आठ झुलसे मजदूर सिविल अस्पताल पहुंचे, उनका भी यही हाल था। देर रात उपमुख्यमंत्री केशव मौर्या, गृह विभाग के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार घायलों को देखने के लिए अस्पताल पहुंचे।

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सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में सबसे पहले बिहार निवासी चन्दन कुमार को लाया गया। चन्दन का पूरा शरीर झुलस चुका है। इसके बाद ऊंचाहार निवासी वीरेंद्र, शंभु यादव, अरविंद, अजय मेहता, रामरतन, पियुष और नागेश को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक साथ मरीजों के आने से अस्पताल की इमरजेंसी में अफरा-तफरी मच गई। चारों तरफ से चीख-पुकार मच गई। मरीजों की दर्द भरी करार सुनकर रोंगटे खड़े हो जा रहे थे। पूरी कोशिश करने के बावजूद इलाज में लगे डॉक्टर व नर्स बेबस दिख रहे थे।

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एनटीपीसी में करीब साढ़े तीन बजे बॉयलर फट गया था। इसमें काम कर रहे काफी लोग जख्मी हो गए। घटना के बाद से आग में झुलसे लोगों को लखनऊ लाने का सिलसिला शुरू हुआ। करीब साढ़े पांच घंटे तक मरीजों को कोई इलाज नहीं मिला। 102 व 108 एम्बुलेंस से मरीजों को लाया गया। इस दौरान मामूली इलाज ही एम्बुलेंस में मिल पाया।

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पुख्ता इलाज न मिल पाने की वजह से मरीज छटपाते रहे। दर्द से कराह रहे मरीजों को सिविल समेत दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया। ऊंचाहार स्थित फरीदाबाद के अमृतलाल को क्या पता था कि एनटीपीसी में वह हादसे का शिकार बन जाएंगे। पत्नी समेत चार बच्चों की परवरिश के लिए वह बुधवार को पहले दिन ही काम करने गया था। इसके लिए ठेकेदार की ओर से कई तरह के वादे किए गए थे। इसके चलते वह काम पर गया लेकिन हादसे का शिकार हो गया।

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जिस वक्त एनटीपीसी में हादसा हुआ उस वक्त अमृत की पत्नी सुनीता देवी बेटे आशीष के संग खेत में धान काट रही थी। सुनीता के मुताबिक घटना की सूचना जैसे ही गांव पहुंची कोहराम मच गया। हर कोई भागो-भागो, बचाओ-बचाओ की गुहार लगाते हुए घटना स्थल की ओर से दौड़ पड़ा। सिविल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आशुतोष दुबे ने कहा, एनटीपीसी से लाए गए मरीजों की हालत बेहद नाजुक है। सात मरीज तो सौ फीसदी तक झुलसे हैं। डॉक्टरों की टीम मरीजों को बचाने की कोशिश में जुटी है।

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