Home उत्तर प्रदेश 13 घंटे की गोलीबारी के बाद भी नहीं मिले दरोगा के कातिल

13 घंटे की गोलीबारी के बाद भी नहीं मिले दरोगा के कातिल

418
0
SHARE

चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के जनपद चित्रकूट में मानिकपुर थाना क्षेत्र के जंगलों में कुख्यात डकैत बबुली कोल गिरोह के साथ 13 घंटे गोलीबारी और 13 घंटे की घेराबंदी के बाद शुक्रवार सुबह सात बजे से फिर सर्च आपरेशन शुरू हो गया। लेकिन 13 घंटे सर्च आपरेशन के बाद भी शहीद दरोगा पर गोली चलाने वाले कुख्यात अपराधी पुलिस के हाथ नहीं लगे।

यह भी पढें:-सड़क हादसे में सीआरपीएफ के 10 जवान घायल

मिली जानकारी के अनुसार पुलिस की गोली से घायल डकैतों के खून के निशानों से पुलिस डकैतों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने पूरी रात तीन सौ जवानों और पुलिस अफसरों जंगल में डकैतों की घेराबंदी कर डटे रहे।

यह भी पढें:-जानिये सेक्स करने के लिए परफेक्ट टाइम्म कौन सी….
विदित हो कि डाकू बबुली कोल गिरोह से गुरुवार सुबह पांच बजे पुलिस की मुठभेड़ शुरू हुई थी। पुलिस ने मुठभेड़ में अपने एक जांबाज दरोगा जेपी सिंह को खो दिया जबकि एक थानेदार गोली लगने से घायल हुए। पुलिस की गोली से गिरोह का सरगना बबुली और उसका दाहिना हाथ 60 हजार का इनामी लवलेश कोल समेत चार डकैत भी घायल हुए। पुलिस ने चार डकैतों को कल गिरफ्तार कर लिया था जिनके पास से आटोमेटिर राइफलें बारमद हुई थीं।

यह भी पढें:-बदमाशों की गोली से सब इंस्पेक्टर शहीद

गुरुवार शाम छह बजे के बाद तक दोनों तरफ से गोलीबारी होती रही, उसके बाद पुलिस ने नाइट विजन दूरबीन के सहारे निगरानी शुरू की, जंगल में तेज लाइटें लगवायी गयीं ताकि डकैत पुलिस की घेराबंदी तोड़ कर भागने की कोशिश करें तो दिखायी पड़ जाएं। हालांकि रात में डकैतों की तरफ से कोई कोशिश नहीं हुई, पुलिस को जंगल से कहीं कोई हलचल दिखायी नहीं दी है।

यह भी पढें:-किशोरी का कटा हाथ, डॉक्टरों ने 11 घंटे आपरेशन के बाद जोड़ा

रात भी हमीरपुर, महोबा और बांदा के पुलिस अफसर जवानों के साथ जंगल में डटे रहे, इसके बाद फिर चित्रकूट के अफसरों ने मोर्चा संभाल लिया। डीआईजी खुद जंगल के पास कैम्प कर रहे हैं। जवानों की भी ड्यूटी बदली गयी जिसके बाद सुबह से फिर सर्च आपरेशन शुरू किया गया। पुलिस को कई जगह खून के निशान मिले हैं इससे माना जा रहा है कि गुरुवार की गोलीबारी में कई डकैत घायल हुए हैं।

यह भी पढें:-बहन के प्रेमी का भरी पंचायत में काटी गर्दन

पुलिस का मानना है कि चूंकि बबुली और लवलेश खुद घायल हैं इसलिए डकैत गिरोह बहुत दूर भागने की स्थिति में नहीं है। जंगल में मोर्चा ले रहे अफसरों ने बताया कि डकैत गिरोह नीही नाले के दूसरी तरफ है जिसके बाद ऊंचा पहाड़ है। घायल डकैत पहाड़ चढऩे की स्थिति में नहीं है जब तक कि गांव वालों की मदद न मिले। पुलिस का शिकंजा चारों तरफ से कसता जा रहा है, बचाव के लिए डकैत किसी भी समय गोलियां चला सकते हैं। पुलिस भी जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

यह भी पढें:-फैसले के एक दिन पहले दोनों शहरों में प्रतिबंध, 29 ट्रेने चार दिन के लिए रद्द

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here