Home लखनऊ डेरी संचालकों से नगर निगम वसूलता है पैसा, इसलिए नहीं होती कार्रवाई

डेरी संचालकों से नगर निगम वसूलता है पैसा, इसलिए नहीं होती कार्रवाई

271
0
SHARE

लखनऊ। राजधानी के पारा क्षेत्र में नगर निगम की लापरवाही के कारण डेंगू सहित अन्य खतरनाक बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रवासियों की माने तो यहां भारी संख्या में अवैध रूप से डेरियां संचालित है। कई बार इसकी शिकायत मुख्य पुश चिकित्सा अधिकारी से की गई लेकिन उन्होंने आज तक अवैध डेरी संचालकों को क्षेत्र नहीं हटाया। यहां के कई प्लाट घोसियों ने भैंसों की गोबरों से पाट दिये। प्लाट में अधिक गंदगी के कारण क्षेत्र में गम्भीर बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। जिसके कारण यहां की जनता परेशान है।

यह भी पढें:-सेक्स के लिए अनाड़ी पार्टनर चाहती हैं महिलाएं
पारा क्षेत्र के कुमारपुरम कारोली, रज्जानगर कालोनी, सहित रामबिहार कालोनी में नगर निगम की शह पर दर्जनों की संख्या में अवैध डेरियां संचालित है। अवैध डेरी संचालकों ने आसपास के प्लाटों को गोबरों से भर दिया है। जिसके कारण मच्छर सहित अन्य जहरीले जीव उत्पन्न हो रहे है।

यह भी पढें:-सेक्स के दौरान इन चीजों का खासतौर पर रखे ध्यान

इस सम्बंध में कई बार लोगों ने नगर निगम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ए.के. राव को अवगत कराया लेकिन उन्होंने ने भी डेरी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने से हाथ पीछे खीच लिया। वहीं घोसियों की दबंगई इस कदर बढ़ गई है कि उन्होंने स्थानीय लोगों को धमकाने भी शुरू कर दिया है। अगर कोई उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहता है तो उसे भी धमकाने से बाज नहीं आते।

जानिए क्यों फायदेमंद है मोजे पहनकर सेक्स करना, देखे वीडियो

जबकि स्थानीय लोगों की माने तो पशु चिकित्सा एके राव के नाम पर नगर निगम के कर्मचारी प्रत्येक अवैध डेरी संचालक से प्रत्येक भैस के एवज में 50 रुपये वसूली करते है। उसके साथ ही प्रत्येक माह स्थानीय पार्षद को भी दूध सहित पैसें दिये जाते है। ताकि कार्रवाई से पहले सभासद उन्हें यह बता सके कि नगर निगम की गाड़ी उनकी भैसे उठाने के लिए आ रही है।

यह भी पढें:-जानिये क्यों महिलाओं को सेक्स में नहीं मिलता चरम सुख

कुमारपुरम क्षेत्र में असलम, शमशाद, नादिर, सद्दीक, हनीफ, सकुनी, अभीरे, मुनीश सहित दिलबरे की अवैध डेरी संचालित है। वहीं रज्जानगर में गुड्डू व कल्लू की अवैध डेरी संचालित है। स्थानीय लोगों ने इस सम्बंध में मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग करते हुए एक सामूहिक पत्र भेजा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here