Home क्राइम कर पार्किंग के विवाद में अधिवक्ता के भाई की हत्या

कर पार्किंग के विवाद में अधिवक्ता के भाई की हत्या

197
0
SHARE

लखनऊ| पारा की शिवपुरी कॉलोनी में सोमवार की शाम प्लाट में कार पार्किंग के विवाद में अशोक पाठक (42) की लाठी-डंडों और बाके से वारकर हत्या कर दी गई| मृतक एक निजी ट्रेवल्स कंपनी में अपनी कार चलाता था| कार पार्किंग को लेकर उसके दबंग पड़ोसी श्रीपाल यादव से विवाद चल रहा था| सोमवार शाम इसी को लेकर झगड़ा हुआ और श्रीपाल उसके परिजनों ने लाठी-डंडों से लैस होकर हमला बोल दिया| बुरी तरह लहूलुहान अशोक को रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया| पुलिस ने श्रीपाल, उसकी पत्नी मीनावती, बेटी आराधना को गिरफ्तार कर लिया है|परिवार के अन्य सदस्यों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है|
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्रा बताया कि अशोक पाठक अपनी कार मोहल्ले में ही मुन्ना सिंह के खाली प्लाट में खड़ी कर रहे थे| उक्त प्लाट मोहल्ले के दबंग श्रीपाल यादव के मकान से सटा हुआ है| श्रीपाल ने प्लाट पर कब्जा करके एक कमरा बनवा लिया था| मुन्ना व श्रीपाल का प्लाट को लेकर विवाद भी चल रहा है| सोमवार शाम करीबन 7:00 बजे अशोक अपनी कार प्लाट खड़ी करने पर गए थे| तभी श्रीपाल आ गया उसने प्लाट पर अपना दावा करते हुए खड़ी करने से मना कर दिया| इस से लेकर कहासुनी और गाली-गलौज होने लगी| श्रीपाल की पत्नी मीना, बेटे संतोष, रंजीत कुमार उर्फ छोटू, बेटी आराधना, ड्राइवर सहित तीन लोग लाठी डंडा लेकर आ गए| सब ने अशोक के सिर पर लाठी डंडे, लोहे की रॉड और ताबड़तोड़ वार कर दिए| झगड़े की आवाज सुनकर लोग घरों से निकल आए| हमलावर घर में जाकर छुप गया| पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल ले गई| जहां उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया| इस दौरान पुलिस अधीक्षक पूर्वी क्षेत्रधिकारी आलमबाग संजीव सिन्हा,  पारा थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश पांडे मौके पर पहुंच गए| भाई अधिवक्ता अरुण पाठक ने श्रीपाल उनके पत्नी बेटे समेत 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकता दर्ज कराई है| पुलिस ने दबिश देकर श्रीपाल, मीनावती, बेटी आराधना को गिरफ्तार कर लिया है| आरोपी श्रीपाल यादव परिवहन विभाग में चपरासी के पद पर तैनात है|
5 महीने पहले पुलिस ने कराया था मामला रफा-दफा
अशोक की हत्या का पता चलते ही उनके भाई और उनके साथी अधिवक्ता मौके पर पहुंच गया| उन्होंने बताया कि श्रीपाल भूमाफिया है| 5 महीने पहले उसने मुन्ना के प्लाट पर कब्ज़ा कर लिया था| अशोक,  वरुण ने विरोध किया तो झगड़े पर उतारू हो गया| उसने अशोक के साथ मारपीट की शिकायत लेकर थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने मामला रफा-दफा कर दिया| अधिवक्ता का कहना था कि पारा पुलिस मामले को रफा-दफा न कराती और आरोपियों के खिलाफ कारवाई करती तो उनका भाई जिन्दा होता| अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी से दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here