Home उत्तर प्रदेश अपने कर रहे हैं अपनों का कत्ल, पुलिस बदनाम

अपने कर रहे हैं अपनों का कत्ल, पुलिस बदनाम

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राजधानी लखनऊ में 1 सप्ताह के अंदर पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। घटना के बाद से शासन, प्रशासन व लोगों में पुलिस के प्रति काफी आक्रोश है। पुलिस पर यह सवाल उठा रहा है कि वह घटनाओं को रोकने में नाकाम साबित हो रही है। वह अपराधियों पर अंकुश नहीं लगा पा रही। क्षेत्र में गस्त ना होने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। जिसके कारण यह सारी वारदाते हो रही है। लेकिन हम आपको बता दें इन वारदातों के पीछे कोई और नहीं। बल्कि उनके अपने ही हैं।

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रविवार के दिन इंदिरा नगर में रहने वाले रवि कश्यप ने अपनी बहन मां की हत्या कर शव को जलाने के लिए सीतापुर रोड बक्शी का तालाब की तरफ ले जा रहा था। जहां ड्राइवर की सूझबूझ के कारण उसे पुलिस ने दबोच लिया। जिसके बाद घटना का खुलासा हुआ। खुलासे के दौरान रवि कश्यप ने बताया कि उसने प्रॉपर्टी के लालच में अपनी मां और बहन का क़त्ल कर शव को डिस्पोज करने जा रहा था। घटना के 2 दिन बाद बुधवार को पारा थाना क्षेत्र में एक बड़ी वारदात को सामने रहने वाले पड़ोसी ने अंजाम दिया। उसने एक तरफा प्यार के चक्कर में रिटायर्ड फौजी एलबी सिंह की दो बेटियों को कैची से गोदकर मार डाला। दो बेटियों की हत्या ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी। पुलिस पर तमाम तरह के सवाल उठने लगे। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने योगी सरकार की कैबिनेट बैठक को भी हिला कर रख दिया।

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घटना को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने डीआईजी प्रवीण कुमार, आईजी ए सतीश गणेश को तलब किया और घटना को 24 घंटे के अंदर खुलासे के आदेश दिए। क्राइम ब्रांच ने अपना बेहतर रिस्पांस दिखाते हुए महज कुछ ही घंटों में घटना का खुलासा कर दिया। हत्यारा कोई और नहीं उनके घर के सामने रहने वाला, लड़की आरती की मदद करने वाला सोनू निकला। सोनू आरती से एकतरफा प्यार करता था। वह अक्सर उस पर अपना हक़ जताने की कोशिश करता था। जब की आरती की शादी किसी और से होने वाली थी। घटना के 1 दिन पहले आरती अपने मंगेतर इंद्रेश के साथ बाहुबली फ़िल्म देखने गई थी। जिसके बाद से सोनू ने आरती को जान से मारने की योजना बना लिया था। जैसे ही मंगलवार की सुबह पिता एलबी सिंह अपनी पत्नी को कमांड अस्पताल के लिए निकले। इसी बीच सोनू ने मौके का फायदा उठाते हुए एलबी सिंह के मकान में घुस गया और सबसे पहले छोटी बहन अंतिमा को कैची से गोदकर किचन के पास अधमरा कर दिया। बहन की चीखे सुन जब आरती बाथरूम से निकली तो वह सोनू को देखकर दंग रह गई। वह कुछ समझ पाती इससे पहले ही सोनू ने उस पर ताबड़तोड़ कैची से कई बार कर दिए। वारदात को अंजाम देने के बाद सोनू मौके से भाग निकला। घटना के 30 मिनट बाद वह कमांड अस्पताल पहुंच गया। सिर्फ यह देखने के लिए कहीं दोनों बहनें जिंदा तो नहीं है।  घटना को अंजाम देने वाले सोनू को क्राइम ब्रांच और पारा पुलिस की टीम ने कुछ ही घंटों में सलाखों के पीछे भेज दिया। ठीक उसके दो दिन बाद गुरुवार को दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों ने बल्दी खेड़ा, पारा के रहने वाले सौदागर लोधी को गायत्रीपुरम कॉलोनी पारा में दो गोलियां मारकर मौत की नींद सुला दिया। हत्या को अंजाम किसी और ने नहीं बल्कि सौदागर के साले, उसकी पत्नी, उसके मौसेरे सालों ने दिया। मृतक के भाई राजेंद्र कुमार वर्मा पुत्र स्वर्गीय भुवनेश्वर प्रसाद वर्मा निवासी बलदी खेड़ा ने आशू यादव उर्फ सुमित यादव उमेश यादव अवधेश यादव पत्नी लक्ष्मी यादव के खिलाफ हत्या की तहरीर दी।

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घटना के कुछ घंटों बाद बीती रात अवधेश यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि लक्ष्मी यादव की 4 वर्ष पहले चिनहट मटियारी में शादी हुई थी। जिसके बाद सौदागर से प्रेम हो गया। लक्ष्मी यादव और सौदागर ने जुलाई 2016 में प्रेम विवाह कर लिया। प्रेम विवाह से नाराज आशू यादव अक्सर जान से मारने की धमकी देता था। गुरुवार के दिन मौका पाते ही आशू यादव, उमेश यादव, अवधेश यादव ने दो गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया। समाचार के माध्यम से हम आपको बताना चाहते हैं की हत्यारे कोई और नहीं अपने ही थे। कानून के जानकारों की माने तो यह वह घटनाएं हैं जिन पर अंकुश लगाना असंभव है। ऐसी घटनाएं पुलिस पर हमेशा सवालिया निशान छोड़ जाते हैं।

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