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समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के संस्थापक शिवपाल यादव ने किया भारतीय किसान यूनियन लाकतांत्रिक का समर्थन

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काकोरी। भारतीय किसान यूनियन लाकतांत्रिक के बैनर तले वर्तमान समय मे देश एवं प्रदेश की सरकारों के द्वारा किसानों के साथ किए जा रहे वादा खिलाफी एवं सरकार की गलत नीतियों के विरोध में आईआईएम रोड दुबग्गा काकोरी में अपनी जायज मांगों को लेकर हजारों की संख्या में किसान दो दिवसीय धरने पर बैठे हुए हैं।
धरने दोपहर बाद अचानक समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के संस्थापक किसान नेता पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव व पूर्व कैबिनेट मंत्री बादशाह सिंह पहुंचकर किसानों को एक नई ताकत देने का काम किया। पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि समाजवादी सेक्युलर मोर्चा किसानों के साथ है, हम शुरू से किसानों, छात्रों, बेरोजगरों, पीड़ितों सभी की लड़ाई लड़ते आये हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे,हम एक किसान के बेटे हैं हमसे ज्यादा किसानों का दर्द कौन समझ सकता है,प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ी हुई है। संगठन के र्राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व विधायक राजकुमार सिंह गौतम ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज देश एवं प्रदेश का किसान लगातार आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है। देश की एवं प्रदेश की सरकारों के द्वारा प्रदेश के किसानों को हर प्रकार से सहयोग करने का वादा चुनाव के वक्त अपने घोषणा पत्र में एवं अपने भाषणों के द्वारा चुनाव के समय मे भाजपा के द्वार किया गया था, लेकिन लगभग साढ़े चार साल केंद्र की सरकार एवं 18 महीने की प्रदेश की भाजपा सरकार किसान विरोधी नीतियों के कराण अब तक देश एवं प्रदेश में बड़े पैमाने पर किसानों ने आत्म हत्या कर रहे है। किसानों की कर्ज माफी का वादा वर्तमान सरकार ने चुनाव में किया था वह सिर्फ फाईलो तक ही सीमित रह गया है सिर्फ 10 रुपाये से 1000 तक का ही चेक कुछ किसानों को कर्ज माफी के नाम पर किया गया जोकि किसानों के साथ सरकार ने भद्दा मजाक किया है। बाकी प्रदेश का किसान आज भी कर्ज दार है। महंगे डीजल की वजह से बुवाई जुताई महंगी होती जा रही है।जिससे किसानों का बहुत नुकसान हो रहा है।फसल की लागत बढ़ जाती है। महंगी खाद बीज की वजह से फसल की लागत बढ़ जाती है। उसके बाद कभी सूखे के कारण फसल नष्ट हो जाती है। कभी बाढ़ के कारण नष्ट हो जाती है। कभी ओला वरिष्ट के द्वारा फसल नष्ट हो जाती है। इन सभी समस्याओं से जूझने के बाद बची फसल इस समय अवारा साड़-गाय नष्ट कर रहे है। वर्तमान में देश की और प्रदेश की सरकार हर मौके पर किसानों के गन्ने का भुकतान की बात हर मंच से की जाती हैं लेकिन आज भी बहुत बड़ी धनराशि किसानों की सरकार पर एवं चीनी मिलों पर बकाया है। सरकार बिलकुल भी किसानों के भुगतानो को लेकर गंभीर नही है। प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह चौहान ने कहा कि सरकार के इसारे पर पुलिस और प्रशासन के लोग किसानों का उत्पीड़न कर रहे है, एक भाजपा नेता के इशारे पर लखनऊ के काकोरी, मलिहाबाद, माल, बीकेटी सहित कई थानों में किसानों पर फर्जी मुकदमे पुलिस ने दर्ज किये हैं। उन्होंने ने कहा कि कानून व्यवस्था पूरी तरह से प्रदेश में अपनी पटरी से उतर चुकी है। यूनियन ने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को प्रेषित 25 सूत्रीय ज्ञाप तैयार किया है। इस अवसर पर संगठन के प्रदेश महामंत्री राहुल सिंह, प्रदेश प्रवक्ता विनीत शुक्ला वीनू, प्रदेश संगठन मंत्री राम सागर शुक्ला, उद्योग किसान व्यपार मंडल उत्तर प्रदेश पंजी.के प्रदेश अध्यक्ष अजय त्रिपाठी मुन्ना, लखनऊ जिलाध्य्क्ष अध्यक्ष मनीष यादव दशहरी, हरदोई वीर प्रताप सिंह वीरू, जिला अध्यक्ष लखीमपुर एवं प्रभारी सीतापुर प्रदीप शुक्ला शामू, जिलाध्यक्ष उन्नाव सोने द्विवेदी, मंडल अध्यक्ष अमर सिंह लोधी, हरदोई जिला प्रभारी अतुल कुमार, जिलाध्यक्ष बाराबंकी रघुवेन्द्र प्रताप सिंह, विजय यादव, उर्मिला रावत, रेहान खान सहित आदि उपस्थित रहे।
किसानों की सरकार से जायज मांगें
सांसद-विधायकों का वेतन व पेंशन बंद की जाए या किसान मतदाताओं को भी पेंशन दी जाये। ग्रामीण क्षेत्र को पर्याप्त बिजली देने,सरकार के घोषणा पत्र के अनुसार किसानों का गन्ना भुगतान 14 दिनों में किया जाये। भुगतान में देरी होने पर ब्याज सहित भुगतान हो। किसानों की आय दुगनी कर स्वामी नाथन की रिपोर्ट लागू की जाए। किसानों को प्राथमिकता के आधार पर शस्त्र लाइसेंस दिए जायें। किसानों को तहसील,ब्लाक,थानों में सम्मान दिया जाये। अच्छी खेती करने वाले हर किसान को सरकार प्रतिवर्ष सम्मानित करे। किसानों को निजी नलकूपों को बिजली का कनेक्शन मुफ्त दिया जाये। किसानों को डीजल पर सब्सिडी दी जाये। सरकारी समर्थन मूल्य से कम कीमत पर किसानों का अनाज खरीदने वाले वैधानिक कार्यवाही और सजा का प्रावधान सुनिश्चित हो। घुमन्तू सांड,गाय,नीलगाय एवं बंदरों से किसानों की फसल बर्बाद न हो इसकी सरकार व्यवस्था करे। आबादी के अनुसार सरकारी कर्मचारी की भर्ती करके किसानों का कार्य समय पर करने की व्यवस्था की जाये। देशहित में जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाकर जनसंख्या वृद्धि रोकी जये। चुनाव संकल्प पत्र के अ ऊसर भ्रष्टाचार बन्द कराकर कर किसानों के जायज कार्य बिना भ्रष्टाचार के किये जये। किसान नेताओं पर दर्ज फर्जी मुकदमें तत्काल वापस लिए जाये, हरदोई के सण्डीला को जिला बनाने,यूपी में बाढ़ एवं पुनर्वास आयोग का गठन,कन्नौज,फरुखाबाद,मैनपुरी,औरैया,बदायूँ आदि आलू उत्पादन क्षेत्र के किसानों के लिए रेलवे ट्रेक बनाने, किसानों की पट्टे, जीएस,तालाब,चारागाह,खलिहान को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाये सहित अन्य मुद्दें शामिल।

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