Home लखनऊ संप्रेक्षण गृह का मामला : पीएम रिपोर्ट से उलझी किशोर की मौत...

संप्रेक्षण गृह का मामला : पीएम रिपोर्ट से उलझी किशोर की मौत की गुत्थी

144
0
SHARE

लखनऊ। राजकीय संप्रेक्षण गृह में किशोर की मौत का मामला उलझ गया है। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रखा है, जिससे मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। वहीं किशोर के परिवारीजनों ने संप्रेक्षण गृह के कर्मचारियों पर लापरवाही और एक नंबरदार पर हत्या का आरोप लगाया है। किशोर की मां के मुताबिक उनके बेटे की नाक, मुंह और कान से खून बह रहा था। परिवारीजनों ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

यह भी पढें:-सिटी बस ने महिला को कुचला, पांच घंटे चला प्रदर्शन
किशोर की सोमवार सुबह ही मौत हो गई थी। बावजूद इसके राजकीय संप्रेक्षण गृह के अधिकारी पूरे मामले को दबाए रहे। घरवालों को तुरंत जानकारी देने के बजाय जिम्मेदारों ने मंगलवार सुबह करीब छह बजे फोन कर किशोर के बीमार होने की सूचना दी। किशोर की मां ने बताया कि जब वह बलरामपुर अस्पताल पहुंचीं तो उन्हें बेटे का शव सौंप दिया गया। किशोर के बहनोई ने कहा कि करीब दो सप्ताह पूर्व वह उससे मिलने राजकीय संप्रेक्षण गृह आए थे।

यह भी पढें:-सोते रहे पुलिसवाले चोरी हो गई पिस्टल और मोबाइल

इस दौरान किशोर ने उन्हें बताया था कि नंबरदार ने संप्रेक्षण गृह के अधिकारियों व कर्मचारियों के सामने उसकी पिटाई की थी। परिवारीजनों का आरोप है कि अगर किशोर की तबीयत खराब थी तो उसका इलाज क्यों नहीं कराया गया। किशोर ने रात में ठंड लगने की शिकायत की थी, लेकिन उसे ओढऩे के लिए चादर तक नहीं दी गई। किशोर के घरवालों ने बताया कि मारपीट की शिकायत सुनकर उन लोगों ने सीतापुर में अधिवक्ता के माध्यम से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से शिकायत की थी।

यह भी पढें:-पशु तस्करों ने दरोगा को गोली मारी

इसपर राजकीय संप्रेक्षण गृह को पत्र लिखकर ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट ने किशोर का मेडिकल परीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि बावजूद इसके राजकीय संप्रेक्षण गृह के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। 16 अगस्त को किशोर की सीतापुर में पेशी थी, लेकिन उसे संप्रेक्षण गृह से नहीं भेजा गया। इसपर घरवालों ने संप्रेक्षण गृह के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। वहीं अधीक्षक उदयशंकर मालवीय का कहना है कि फोर्स की कमी के कारण किशोर को सीतापुर पेशी पर नहीं भेजा गया था।

यह भी पढें:-जानिये क्यों मर्दाना ताकत खो रहा पुरुष
पोस्टमार्टम हाउस में बेटा खोने के गम में बिलख रही मां ने कहा कि 13 माह से वह अपने लाडले के संप्रेक्षण गृह से छूटने का इंतजार कर रही थीं, लेकिन आरोपितों ने उसकी जान ले ली। तीन माह बाद किशोर की सजा पूरी हो रही थी और घरवाले उसकी राह देख रहे थे।

यह भी पढें:-पत्रकार राजदेव हत्याकांड : सीबीआई ने की शहाबुद्दीन समेत 7 के खिलाफ चार्जशीट दायर

घरवालों ने आशंका जताई है कि शायद किसी ने किशोर को जहरीला पदार्थ खिला दिया था, जिससे उसकी मौत हुई है। गौरतलब है कि दुष्कर्म के आरोपित किशोर को संदना सीतापुर की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपित किशोर हरदोई संप्रेक्षण गृह से एक अगस्त को राजकीय संप्रेक्षण गृह लाया गया था, जिसकी सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। शव के पोस्टमार्टम के बाद परिवारीजन किशोर का शव लेकर घर चले गए और दोबारा वापस आकर पुलिस से इस बाबत शिकायत की बात कही।

यह भी पढें:-रंगे हाथ क्लर्क को घूस लेते पकड़ा कलर्क

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here