Home उत्तर प्रदेश बलरामपुर में तेंदुए ने दो बच्चों पर हमला कर किया घायल

बलरामपुर में तेंदुए ने दो बच्चों पर हमला कर किया घायल

796
0
SHARE

ललिया (बलरामपुर) | बनकटवा रेंज अंतर्गत सहिजना गांव में सोमवार भोर तेंदुए ने दो बच्चों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घायल बच्चों का उपचार श्रावस्ती जिले के निकटवर्ती सीएचसी सिरसिया में चल रहा है।
पिता आशिक अली ने बताया कि उनकी 12 वर्षीय पुत्री शायहरा बरामदे में सो रही थी। सोमवार भोर करीब चार बजे तेंदुआ उनकी पुत्री का गर्दन पकड़ कर खींचने लगा। बेटी के चिल्लाने पर उनकी नींद खुली। गर्दन किसी तरह से छुड़ाई गई। इसके बाद बेटी का बायां हाथ तेंदुए ने पकड़ लिया। पांच मिनट तक बेटी को छुड़ाने के लिए पिता आशिक अली संघर्ष करता रहा। तेंदुआ शायहरा को छोड़ कर वहां से भाग निकला। शायहरा के गर्दन व बाएं हाथ में गम्भीर जख्म हैं।

यूनियन बैंक के 32 लॉकर काटकर करोड़ों का माल ले गए बदमाश, एसओ लाइन हाजिर

घटना के 15 मिनट बाद गांव में 100 मीटर दूर प्रभुराम के फूस के घर पर तेंदुए ने धावा बोला। टाटी फाड़ते हुए तेंदुआ उनके घर में घुस गया। बाबा गूठे के साथ चारपाई पर लेटे सत्य प्रकाश (5 वर्ष) का गला तेंदुए ने पकड़ लिया। बाबा ने कड़ी मशक्कत करके उसकी जान बचाई। सत्यप्रकाश के गले व गाल में गहरे जख्म हैं।
इसके पूर्व थाना हर्रैया क्षेत्र के सुल्ताना गांव में शनिवार रात तेंदुए ने आठ वर्षीय राहुल पुत्र प्रभुनाथ का दाहिना हाथ नोंचकर बुरी तरह से घायल किया था। बताते चलें कि सहिजना गांव सोहेलवा जंगल से दो किलोमीटर दूरी पर स्थित है। ग्रामीण नियामत, ननकने, मंगरे, रामबरन, कल्लू, धर्मदास, पहलवान अली, अमरेश अली, फंगरेज, मनीराम, जग्गीराम, रामसमुझ, जवाहर, पट्टे, करिंगन, झुन्नीलाल व राकेश कुमार आदि का कहना कि जंगल से निकल कर तेंदुआ अक्सर गांव में आ जाता है। पूरे गांव में भय व्याप्त है। छोटे बच्चों को स्कूल नहीं भेजा जा रहा है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट : गोली लगने से हुई तेंदुए की मौत, चार दिन से भूखा था तेंदुआ

हाका लगाकर तेंदुआ को जंगल की ओर भगाया जाता है। वन विभाग तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा नहीं लगा रहा है। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। जंगलवर्ती गांव टेंगनवार, अतरपरी, महादेव बांकी, फजलहवा, रतनवां, विनौहनी, सुल्ताना, सिकन्दरबोझी, मणिपुर, बेलवा दम्मार, चौधरीडीह, पिपरहवा, भटपुरवा आदि गांवों में तेंदुए का आतंक बना हुआ है। शाम ढलते ही लोग अपने घरों में कैद हो जाते है। इस संबंध में बनकटवा रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी तिलकराम आर्य ने बताया कि मौके पर फारेस्टर व वन रक्षक जमील अहमद को भेजकर घायलों का उपचार सरकारी अस्पताल में कराया जा रहा है। नियमानुसार अहेतुक सहायता राशि दिलाई जाएगी। कहा कि ग्रामीणों को सजग रहने को कहा गया है। लोग अपने घरों के पास उजाला रखें। जंगली जानवर निकलने पर उससे छेड़छाड़ न करें बल्कि विभाग को तत्काल सूचना दें।

उत्तर प्रदेश : एसटीएफ ने लखनऊ में फर्जी शिक्षा परीक्षा बोर्ड पकड़ा, सात गिरफ्तार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here