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देशद्रोह की चार्जशीट की तैयारी, कन्हैया कुमार और उमर खालिद का भी नाम शामिल

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नई दिल्ली | जेएनयू में देशद्रोह के कथित मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल जल्द ही विशेष कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने वाली है। सूत्रों के मुताबिक चार्जशीट में जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद सहित कुछ कश्मीरी नौजवानों का नाम भी शामिल किया जा रहा है।
हालांकि चार्जशीट को फाइनल करने के दौरान कुछ मामूली परिवर्तन की गुंजाइश बताई जा रही है। स्पेशल सेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिन आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनके खिलाफ पुलिस के पास पुख्ता सबूत हैं। इनमें से दो जेएनयू छात्र, दो जामिया के छात्र, एक एएमयू छात्र, एक मुरादनगर का रहने वाला डॉक्टर और दो अन्य छात्र शामिल हैं। इस चार्जशीट में 32 ऐसे छात्रों के भी नाम डाले गए हैं, जिनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं।
सरकारी अभियोजके के पास भेज
इस चार्जशीट में कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को मुख्य आरोपी बनाए जाने की तैयारी है। लेकिन कानूनी विशेषज्ञों से राय मशविरा लेने के बाद कुछ अन्य नामों को भी आरोपी की सूची में शामिल किया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो इस ड्राफ्ट चार्जशीट को सरकारी अभियोजक के पास देखने के लिए भेजा गया है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इसे कोर्ट में दाखिल किया जाएगा।
इस चार्जशीट में कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को मुख्य आरोपी बनाए जाने की तैयारी है। लेकिन कानूनी विशेषज्ञों से राय मशविरा लेने के बाद कुछ अन्य नामों को भी आरोपी की सूची में शामिल किया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो इस ड्राफ्ट चार्जशीट को सरकारी अभियोजक के पास देखने के लिए भेजा गया है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इसे कोर्ट में दाखिल किया जाएगा।
उमर खालिद और दो अन्य छात्रों को 2016 में पैनल ने दोषी पाया था और उन्हें निष्कासित करने का फैसला सुनाया था। इसी पैनल ने उस वक्त जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर 10,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया था। इस मामले की सुनवाई जेएनयू की एक उच्च स्तरीय कमेटी कर रही थी, जिसने पैनल के फैसले को बरकरार रखा था।
फोन की लोकेशन सबूत
इस मामले में जो चार्जशीट दाखिल की जाएगी, उसमें वीडियो व फोन की लोकेशन को सबूत के तौर पर रखा गया है। दरअसल इस मामले को लेकर जो वीडियो पुलिस ने जब्त किए थे और जो अन्य वीडियो अलग-अलग श्रोतों से हासिल किए थे, उनकी फोरेंसिक जांच कराई जा चुकी है।
फेसबुक प्रोफाइल भी खंगाले गए
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में आरोपियों के फेसबुक प्रोफाइल को खंगाला गया जहां से कई सबूत उनके हाथ लगे। इनमें से एक आरोपी ने उस दिन हुई नारेबाजी की वीडियो अपने फेसबुक पर डाल रखी थी। इन आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उन्हें यहां ज्यादा से ज्यादा छात्रों को लेकर आने के लिए कहा गया था। बता दें कि 9 फरवरी 2016 में जेएनयू कैंपस में अफजल गुरु की फांसी के विरोध में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें देशविरोधी नारे लगे थे।

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