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सेना का जवान बना आतंकी, हिज्बुल मुजाहिदीन में हुआ शामिल

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नई दिल्ली (एजेंसी )| दक्षिण कश्मीर से इस महीने की शुरुआत में लापता हुआ सेना का एक जवान आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया है। हालांकि सेना ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की है।
पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि मीर इदरीस सुल्तान सेना की जम्मू कश्मीर लाइट इंफैंट्री (जेएकेएलआई) इकाई में पदस्थापित था। वह रविवार को समूह में शामिल हुआ। अधिकारी ने बताया कि मीर शोपियां से लापता हो गया था। वह दो स्थानीय लोगों के साथ समूह में शामिल हुआ। वे दो लोग भी लापता थे।

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पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि मीर के परिजनों ने उसे लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं जवान की एक तस्वीर बंदूक के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिससे उसके आतंकी संगठन में शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। मीर सेना की बिहार 12 जकली टुकड़ी का हिस्सा था। पिछले हफ्ते गुरुवार को ही वह शोपियां के साफनाग में अपने घर लौटा था।

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वहीं सेना का कहना है कि वह लापता है और किसी आतंकवादी संगठन में उसके शामिल होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, मीर झारखंड में तैनात था और इसको लेकर वह नाखुश था। गौरतलब है कि इसी साल मार्च में तहरीक-ए-हुर्रियत के चीफ मोहम्मद अशरफ सहराई के बेटे की भी ऐसी ही एक तस्वीर वायरल हुई थी। अशरफ सहराई का बेटा जुमे की नमाज पढ़ने गया था, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा और कुछ दिन बाद सोशल मीडिया पर उसकी एक-47 हाथ में पकड़े हुए एक तस्वीर सामने आई। हालांकि, परिवार ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी लिखाई थी।

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इदरीस मीर के आतंकी संगठन में शामिल होने के बाद सुरक्षा एजेंसी भी चौकन्नी हो गई हैं। बीते कुछ दिनों में सेना से आतंकियों की मुठभेड़ में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। जबकि हिज्बुल मुजाहिदीन और जैश ए मोहम्मद ने इसके बाद भी अपनी गतिविधियां बंद नहीं की हैं। आईबी की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों आतंकी संगठनों ने दक्षिण कश्मीर में युवाओं को भर्ती करने का अभियान जोरशोर से छेड़ा हुआ है। ये सभी भर्तियां सोशल मीडिया के माध्यम से की गई हैं।

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साल 2011 से अगर तुलना करें तो 2017 में आतंकी भर्ती की रफ्तार चौंका देती है। साल 2011 में कुल 23 आतंकियों को भर्ती किया गया था। वहीं ये आंकड़ा 2017 तक बढ़कर 100 को पार करने की कगार पर पहुंच गया है। इनमें सबसे ज्यादा भर्ती हिज्बुल मुजाहिदीन ने की है। इनमें से करीब 50 युवाओं को तो सिर्फ बारामूला जिले के आसपास से चुनकर आतंकी बनाया गया। आईबी ने बारामूला और शोपियां की पहचान सबसे अधिक आतंकियों की भर्ती वाले जिलों के तौर पर की है।

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