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बड़े कारोबारियों के 14 ठिकानों पर आयकर का छापा, सौ करोड़ की चोरी पकड़ी

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लखनऊ। दस्तावेजों में छेड़छाड़ और आयकर विवरणी में गोलमाल के मामले में आयकर अफसरों की टीम ने शुक्रवार को स्टील, सीमेंट व सॉल्वेंट के कारोबार से जुड़े वीके अग्रवाल एंड ग्रुप के 14 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इसमें वाराणसी के छह ठिकाने हैं। इसके अलावा रामनगर, चुनार, बिहार, रांची, झारखंड, कोलकाता, गुवाहाटी, दिल्ली में कंपनी के दफ्तर, फैक्ट्री परिसर शामिल हैं।इस कार्रवाई में प्राथमिक तौर पर करोड़ों रुपये की इनकम टैक्स चोरी का मामला सामने आया है। इस बीच नोएडा में फर्जी खरीदारी, लोन, बोगस बिल एंट्री आदि दिखाकर की जा रही करीब सौ करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की पकड़ी गई।

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वाराणसी में फैक्ट्री, आवास व कार्यालय से मिले स्टाक रजिस्टर, खाता-बही, शेयर प्रमाणपत्र, बैंक एकाउंट सहित अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं। इसके बाद कारोबारी के 14 ठिकानों पर सुबह साढ़े सात बजे एक साथ छापेमारी की गई जिसमें जवाहर नगर और लंका स्थित आवास, कार्यालयों के अलावा रामनगर में सीमेंट, पैकेजिंग, चुनार में सीमेंट, स्टील, बिहार के भभुआ में ईको सीमेंट फैक्ट्री, रोजमेरी सॉल्वेंट प्राइवेट लि. फैक्ट्री, रांची में सीमेंट फैक्ट्री के साथ ही कोलकाता, गुवाहाटी व दिल्ली स्थित कार्यालय शामिल हैं। इस कार्रवाई में करोड़ों की आयकर चोरी के साथ शेयर, जमीन-खरीद फरोख्त के दस्तावेज अफसरों के हाथ लगे हैं।

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प्रमुख सीमेंट, स्टील और सॉल्वेंट कारोबारी द्वारा शेल (कागजी) कंपनियां बनाकर राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने की सूचना पर बनारस के अलावा इलाहाबाद, बिहार, लखनऊ, बरेली, आगरा, कानपुर से आई आयकर अधिकारियों की टीमों ने कार्रवाई की। इसकी कमान आयकर अपर निदेशक (जांच) अभय ठाकुर संभाल रहे थे।अभय ठाकुर के अनुसार प्रारंभिक जांच में कंपनियों के संचालक वीके अग्रवाल ग्रुप द्वारा कई शेल कंपनियां बनाकर टैक्स चोरी की जा रही थी। कारोबार में घाटा दिखाया जा रहा था। टैक्स रिटर्न जांच में भी भारी गड़बड़ी मिली। इस आधार पर विभाग ने एक साथ सर्च एंड सीजर की कार्रवाई की। टीम में सौ अफसर शामिल थे।

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सेल कंपनियों के जरिए फर्जी खरीदारी, लोन, बोगस बिलों की एंट्री, स्टॉक दिखाकर नोएडा में सौ करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की गई थी, वह पकड़ी गई। सात नवंबर को आयकर विभाग इन्वेस्टिगेशन टीम ने नोएडा के फेस टू में चार कंपनी सारा ग्रुप, वाइव, मंगोलिया, भसीन ग्रुप के खिलाफ आपरेशन क्लीन मनी के तहत कार्रवाई की थी। अधिकारियों के मुताबिक दो कंपनी सारा ग्रुप, मंगोलियो ने आयकर अधिकारियों के सामने सरेंडर कर दिया है और टैक्स चोरी की बात कुबूल कर ली है जबकि तीसरी कंपनी वाइव से अधिकारियों की बातचीत जारी है। चौथी कंपनी भसीन ग्रुप के मालिक कार्रवाई के बाद से फरार हैं। कंपनी की ओर से किसी प्रकार की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई आयकर अधिकारियों की ओर से शुरू कर दी गई है।

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अधिकारियों के मुताबिक आपरेशन क्लीन मनी के तहत नोएडा, आगरा, इटावा, कानपुर, और बांदा में कार्रवाई चल रही है। कार्रवाई में बांदा ऐसा जिला है, जहां पर 28 वर्ष में पहली बार आयकर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया है। जहां पर छह करोड़ की टैक्स चोरी साहू ग्रुप के भरत गुटखा में पकड़ी गई है। यहां पर अभी टैक्स वसूली की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा कानपुर प्लास्टिक पर 12 करोड़ की टैक्स चोरी के आरोप तय किए गए हैं। यहां पर टैक्स चोरी स्वीकार कर ली गई है।

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