Home बिहार-झारखण्ड गैंगरेप पीड़िता को चार लाख लेकर गर्भपात कराने का सुनाया फरमान

गैंगरेप पीड़िता को चार लाख लेकर गर्भपात कराने का सुनाया फरमान

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मुजफ्फरपुर| मुजफ्फरपुर के करजा थाना क्षेत्र के एक गांव में कई माह तक 14 वर्षीया किशोरी के साथ गांव के ही चार युवकों ने डरा-धमका कर गैंगरेप किया। किशोरी जब चार माह की गर्भवती हो गई तब जाकर यह मामला खुला। इसके बाद गांव में हुई पंचायत में पंचों ने पीड़िता के गर्भ की कीमत चार लाख रुपये तय करते हुए उसे गर्भपात का फरमान सुना दिया।

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इसके लिए पीड़िता व उसके परिजनों पर चौतरफा दबाव बनाया गया। रविवार को किसी तरह हिम्मत जुटाकर गांव से निकली पीड़िता और उसके पिता ने करजा थाने में पहुंच न्याय की गुहार लगाई।
थानाध्यक्ष अवनीश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दरोगा विजय कुमार ने किशोरी व उसके पिता से पूछताछ की। इसके बाद पीड़िता को महिला थाना ले जाया गया। वहां उसके बयान दर्ज किए गए। जिसके आधार पर मामले में गांव के धीरज कुमार, बसावन राय, लखेन्द्र ठाकुर व श्याम कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

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एफआईआर पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज की गई है। एफआईआर दर्ज होने के बाद से आरोपी घर छोड़कर फरार हैं। गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है। वहीं पंचायत करने वाले व किशोरी के परिजनों पर दबाव बनाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। 14 वर्षीया पीड़िता ने पुलिस को बताया कि छह माह पहले वह अपने घर में अकेली थी। इसी दौरान पड़ोस का धीरज कुमार आया और बहला-फुसलाकर घर के बगल वाले खेत में ले गया। वहां उसके साथ जबरन रेप किया। शोर मचाने पर मुंह बांध दिया और मारपीट की। इसके बाद गांव के ही बसावन राय, लखेन्द्र ठाकुर व श्याम कुमार ने भी दुष्कर्म किया।

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आरोपियों ने परिवार के सभी सदस्यों की हत्या करने की धमकी देकर कई बार उसके साथ गैंगरेप किया। बच्ची की तबियत बिगड़ने पर उसके गर्भ ठहरने का पता चला। इसके बाद बच्ची को गर्भपात की दवा देने का भी प्रयास किया गया। लेकिन दवा दुकानदार बच्ची की जान को खतरा होने की बात कहकर दवा देने से इनकार कर दिया था।
किशोरी के गर्भवती होने पर पहले तो आरोपियों ने अपने स्तर से मामले को दफा-दफा करने का प्रयास किया। लेकिन जब बात नहीं बनी तो इसके बाद पंचों को इस काम में लगाया गया। पंचों ने पीड़िता व उसके परिजनों को धमकाते हुए पचास हजार रुपये लेकर गर्भपात करने का दबाव बनाया।

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परिजनों के नहीं मानने पर पंचों ने हर्जाने की रकम बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दी। इस बीच एक आरोपी ने किशोरी के पिता के खाते में एक लाख रुपये जमा भी करा दिए। इस मामले को जल्द रफा-दफा करने के लिए गांव में एक सप्ताह में कई बार पंचायत हुई। वहीं पंचायत के मुखिया व सरपंच ने बताया कि उन लोगों को मामले की जानकारी नहीं दी गई। जबकि उसी गांव के कथित पंचों ने पंचायत की है। इसके लिए कार्रवाई होनी चाहिए।

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