Home क्राइम हत्याकर शवों के फेंके जाने का सिलसिला नहीं थम रहा

हत्याकर शवों के फेंके जाने का सिलसिला नहीं थम रहा

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लखनऊ। राजधानी के शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों में हत्याकर शवों के फेंके जाने का सिलसिला थम नहीं रहा है। तीन दिन पूर्व बंथरा के अमावा जंगल में एक युवक की हुई हत्या के मामले में पुलिस किसी नतीजे पर पहुंच भी नहीं पायी थी कि मोहनलालगंज में कुछ लोगों ने गौरा गांव निवासी 45 वर्षीय किसान समरजीत सिंह की हत्या कर दी। उनका शव बुधवार की सुबह गांव से कुछ दूरी पर स्थित खेत में औंधे मुंह पड़ा मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

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नाक व कान से खून पहले के अलावा गले पर कसाव के निशान थे। हालांकि पुलिस शरीर पर कोई जाहिरा चोट होने की बात से इन्कार कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि मौत कैसे हुई है। वहीं परिजन पुरानी रंजिश को लेकर हत्या किए जाने की आशंका जता रहे हैं। मामले की छानबीन कर पुलिस पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

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मोहनलालगंज के गौरा गांव निवासी समरजीत सिंह अपने परिवार के साथ रहते थे। समरजीत का शव बुधवार सुबह गांव के ही रहने वाले रामकुमार रावत के खेत में औंधे मुंह पड़ा मिला। इसकी जानकारी उस समय हुई जब ग्रामीण शौच के लिए खेत की ओर गए थे। मृतक के घरवालों व ग्रामीणों की मानें तो समरजीत के शरीर पर कई जगह चोट के अलावा गले पर कसाव के निशान हैं। इससे यही लग रहा है कि उनकी हत्या की गई है।

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सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच पड़ताल के बाद बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि समरजीत की मौत कैसे हुई है। बताया गया कि घरवाले जमीन विवाद को लेकर एक जमीन कारोबारी पर हत्या किए जाने की आशंका जता रहे हैं। पुलिस का कहना है कि उन्हें अभी किसी के खिलाफ तहरीर नहीं मिली है अगर परिजन तहरीर दे रहे हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।

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