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सात मिनट और पंद्रह लाख की लूट, अलीगंज में ज्वैलर्स की दुकान में लूटपाट

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अलीगंज में ज्वैलर्स के यहां तीन लुटेरों ने की वारदात
लखनऊ। अलीगंज में शुक्रवार दोपहर तीन बजे के आसपास तीन डकैतों ने केवल सात मिनट में पंद्रह लाख की लूट को अंजाम देते हुए फरार हो गए। इस दौरान दुकान के कर्मचारी विशाल ने विरोध किया तो लुटेरों ने उसे तमंचे की बट से घायल करते हुए गिरा दिया। इसके बाद भी गंभीर रूप से घायल विशाल ने लुटेरों से खूब मोर्चा संभाला लेकिन बदमाशों ने उसे धक्का देकर लूट की माल के साथ भाग गए। घटना के बाद आसपास हड़कंप मचा तो मौके पर आईजी जय नारायण सिंह और एसएसपी दीपक कुमार भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और मामले का जायजा लिया। इस दौरान आईजी ने जल्द से जल्द घटना के खुलासे का दावा किया।

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सेक्टर एच में विपिन रस्तोगी की ज्वैलर्स की दुकान है। उनके यहां कृष्णकुमार, हरि शुक्ला, केके और विशाल काम करते हैं। शुक्रवार को कृष्ण कुमार अवकाश पर थे। हरि शुक्‍ला को विपिन ने किसी काम से बाहर भेजा था और केके खाना खाने गए थे। इस दौरान दुकान पर केवल विशाल ही मौजूद था। दोपहर दो बजकर 55 मिनट पर विपिन रस्तोगी भी अपने पुरिनयां स्थित घर में खाना खाने चले गए। इसी दौरान तीन बजे दो नकाबपोश बदमाश ग्राहक बनकर आए और ज्‍वैलरी दिखाने को कहा। विशाल ने ज्वैलरी की कई ट्रे निकालकर रख दी। मौका पाकर एक बदमाश ने विशाल के सिर पर तमंचे से प्रहार कर दिया। जब तक वह कुछ समझ पाता कि बदमाशों ने उसके ऊपर कट्टा तान दिया और दूसरे बदमाश ने कई ट्रे से ज्वैलरी लूटकर बाहर की ओर भागने लगा।

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घायल विशाल ने इसका विरोध किया तो बदमाशों ने उसे जमकर पीटा और वहीं पर गिराकर तीन बजकर सात मिनट पर लुटेरे बाहर की ओर भागे। कुछ ही दूरी पर उनका एक साथी पल्सर बाइक पर इंतजार कर रहा था। सभी बदमाश बाइक पर सवार होकर राम-राम बैंक मडियांव की ओर भाग गए। विशाल ने तुंरत ही अपने मालिक विपिन रस्तोगी को घटना की सूचना दी, मौके पर पहुंचे विपिन ने पुलिस को सूचना देते हुए घायल विशाल को ट्रॉमा सेंटर भेजा। पुलिस ने पीडि़त की तहरीर पर जांच शुरू कर दी है।

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कई दिनों से हो रही थी दुकान की रेकी-
पुलिस सूत्रों के अनुसार जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया उससे यह साफ हो गया कि वारदात को अंजाम देने के लिए कई दिनों से रेकी की जा रही थी। क्‍यों‍कि लुटेरों को यह पता था कि किस दिन कितने लोग दुकान में रहते हैं। दुकान का मालिक खाना कितने समय खाने जाता है और दुकान में किस समय सबसे कम कर्मचारी होते हैं। सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए लुटेरों ने इस वारदात को अंजाम दिया और आराम से फरार हो गए।

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