Home उत्तर प्रदेश सुरक्षा में तैनात रहा हेडकांस्टेबल चंद्रपाल ने दी गिरफ्तारी, गायत्री फरार

सुरक्षा में तैनात रहा हेडकांस्टेबल चंद्रपाल ने दी गिरफ्तारी, गायत्री फरार

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लखनऊ। उच्चतम न्यायालय से राहत नहीं मिलने के बाद अब उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री गायत्री प्रजापति की किसी भी पल गिरफ्तारी होनी तय है। वहीं गायत्री की सुरक्षा में तैनात रहे आरोपी कांस्टेबल चंद्रपाल ने लखनऊ पुलिस के समझ सरेंडर कर दिया। पुलिस आरोपी को गिरफ्त में लेकर अग्रिम कार्रवाई कर रही है। एडीजी कानून व्यवस्था का कहना है कि गायत्री प्रजापति और मामले में आरोपी उनके अन्य साथियों की तलाश में पुलिस ताबड़तोड़ छापे मार रही है। उन्हें किसी पल भी गिरफ्तार किया जा सकता है। उनका सटीक लोकेशन नहीं मिल रहा है, लेकिन अब वह गिरफ्तारी से नहीं बच सकते। इस मामले को राज्यपाल राम नाईक के पत्र ने और तूल दे दिया। श्री नाईक ने मुख्यमंत्री को कल लिखे पत्र में कहा है कि गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद मंत्रिमंडल में उनके बने रहने के औचित्य पर सवाल खड़ा कर दि   या। उच्चतम न्यायालय के आदेश से गत 18 फरवरी को परिवहन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति पर एक महिला से सामूहिक दुष्कर्म तथा उसकी नाबालिग पुत्री के यौन उत्पीडऩ के आरोप में लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में दर्ज मुकदमे के सम्बन्ध में एक स्थानीय अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारण्ट जारी किया है। श्री नाईक ने लिखा था कि इस प्रकार के मंत्री के मंत्रिमंडल में बने रहने तथा उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं किये जाने से लोकतांत्रिक शुचिता, संवैधानिक मर्यादा व नैतिकता का गम्भीर सवाल पैदा होता है। राज्यपाल ने अपने पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री गायत्री प्रजापति के कैबिनेट में बने रहने के औचित्य पर अपने अभिमत से उन्हें अवगत करायें। उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक ने न्यायालय से गैर जमानती वारण्ट जारी होने के बावजूद गायत्री प्रजापति को मंत्रिमंडल से अभी तक क्यों नहीं बर्खास्त किया गया। उनका कहना था कि गायत्री प्रजापति की अभी तक मंत्रिमंडल से बर्खास्तगी नहीं होने से साबित हो गया कि सपा सरकार कानून का पालन नहीं करवाना चाहती। इस बीच, प्रजापति के साथ ही इसी मामले में सहआरोपी अमेठी के लेखपाल राजेश तिवारी को निलंबित कर दिया गया। अमेठी के जिलाधिकारी योगेश कुमार ने बताया कि प्रजापति को गिरफ्तार करने के लिये उनके ठिकानों पर पुलिस लगातार दबिश दे रही है, लेकिन अभी पकड़ पाने में सफलता नहीं मिली है। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) दलजीत चौधरी के अनुसार आरोपी कांस्टेबल चंद्रपाल ने सरेंडर कर दिया है। प्रजापति समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयासों में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया गया है ताकि आरोपी विदेश न भाग सकें। उन्होंने कहा कि आरोपियों के मोबाइल फोन बंद हैं, इसलिये उन्हें ट्रेस करने में थोडी दिक्कत आ रही है। प्रजापति की सुरक्षा में शामिल रहे पुलिसकर्मियों से उनका लोकेशन लिया जा रहा है। इस बारे में उनसे पूछताछ भी की गयी है। गौरतलब है कि गत 18 फरवरी को उच्चतम न्यायालय के आदेश से लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में प्रजापति समेत सात लोगों के खिलाफ एक महिला से सामूहिक बलात्कार के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। 27 फरवरी को अमेठी में मतदान समाप्त होने के बाद पुलिस ने तेजी दिखायी। परिवहन मंत्री अमेठी क्षेत्र से समाजवादी पार्टी उम्मीदवार भी हैं। उधर, मामले की जांच कर रही पुलिस उपाधीक्षक अमिता सिंह ने कहा कि उच्चतम न्यायालय की नजर और हाईप्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस फूंक फूंककर कदम रख रही है। पीडि़ता का बयान दिल्ली जाकर दर्ज किया गया था। पीडि़ता दिल्ली में ही है। पीडि़ता ने गायत्री प्रजापति पर अपनी बेटी से छेडख़ानी करने का भी आरोप लगाया था। पुलिस बड़ी ही सतर्कता से मामले की जांच कर रही है। आरोपी फरार हैं, उन्हें हिरासत में लेकर उनका भी बयान दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी। उच्चतम न्यायालय के गिरफ्तारी पर रोक से इन्कार करने के आदेश से पुलिस का मनोबल बढ़ा है। सोमवार की शाम गायत्री की सुरक्षा में तैनात रहे आरोपी हेडकांस्टेबल चंद्रपाल ने लखनऊ पुलिस की समझ सरेंडर कर दिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर अन्य आरोपियों के बार में पता लगाने का प्रयास कर रही है। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए धड़पकड़ तेज कर दी है।

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