Home क्राइम सिपाही की हत्या कर शव को गोमती में फेंका

सिपाही की हत्या कर शव को गोमती में फेंका

369
0
SHARE

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार में जनता की सुरक्षा करने वाले पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं। अभी पिछली 30 जून 2017 को यूपी के बिजनौर जिले में दरोगा सहजोर सिंह मलिक की बदमाशों ने गला काटकर हत्या कर दी थी। इस घटना में पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची थी कि राजधानी लखनऊ के क्षेत्राधिकारी कार्यालय गोमतीनगर के पीछे गोमती रिवर फ्रंट में एक सिपाही का शव औंधे मुंह पड़ा मिलने से हडक़ंप मच गया।

चलती ट्रेन में किशोर के साथ दुराचार

सूचना मिलते ही मौके पर आईजी रेंज लखनऊ जय नारायण सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिसकर्मी का शव कई दिन पुराना लग रहा है क्योंकि शव काफी फूला हुआ था। मृतक सिपाही के आंखों और मुंह से खून निकल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उसकी बेरहमी से हत्या करके हत्यारों ने शव को गोमती में फेंक दिया।

इंस्पेक्टर ने अवैध सम्बंध बनाकर की दूसरी शादी

योगी सरकार में महज चार दिन में पुलिसकर्मी की हत्या की ये दूसरी वारदात है। फिलहाल पुलिस की नेम प्लेट पर एमके शुक्ला लिखा हुआ है। उसके पीएनओ नंबर से तैनाती और निवास की पहचान की जा रही है।

जानिये क्यों कहा जाता है सेक्स को छोटी मौत
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि मृत आरक्षी एमके शुक्ला वर्तमान समय में पुलिस लाइन रहे थे। वह 1997 बैच के सिपाही थे। उनकी ड्यूटी एडवोकेट जनरल के सुरक्षाकर्मी के रूप में लगी थी। वह पिछली एक तारीख को ड्यूटी से गायब थे। दो तारीख को भी वह ड्यूटी पर नहीं गए थे। उनके घरवालों ने यह सूचना दी थी तो इसकी जानकारी पुलिस को थी। एसएसपी ने बताया कि उनके घरवालों ने सिपाही का शास्त्र भी पुलिस को सौंप दिया है।

काकोरी में भारतीय किसान यूनियन ने की मुआवजे को लेकर बैठक

वह ड्यूटी में नहीं गए यह सब रजिस्टर में अंकित है। सोमवार को गोमती रिवर फ्रंट पर टहलने गए लोगों ने सिपाही का व उतराते देखा तो पुलिस को सूचना दी। एसएसपी ने बताया कि मृतक सिपाही की पहचान कर ली गई है।

बारिश से एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग के बाहर पानी भरा

मामले की गहनता से पड़ताल की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि यह भी हो सकता है कि सिपाही ने किसी कारण गोमती में कूदकर जान दी हो। हो सकता है उसकी हत्या की गई हो। लेकिन यह सब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चल पायेगा।
गोमती रिवर फं्रट के पास पुलिसकर्मियों दिन रात का जमघट लगा रहता है।

डॉक्टरों की लापरवाही से ट्रॉमा सेंटर में मासूम की मौत

ऐसे में सिपाही की हत्या करके शव को गोमती नदी में कौन फेंककर चला गया ये बड़ा सवाल है। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर शहर की कानून-व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। इससे पहले हजरतगंज इलाके में आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी का शव सडक़ किनारे मिला था। उनकी हत्या करके कौन फेंककर फरार हो गया इसका भी पुलिस ने अभी तक पता नहीं लगा पाया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here